10-Apr-2012

सोमवार को रक्षा मंत्रालय की सालाना रिपोर्ट आई... रक्षा मंत्रालय को चीन को लेकर काफी चिंता है... रिपोर्ट के मुताबिक चीन... भारत के ख़िलाफ़ अपनी सामरिक ताक़त को बढ़ा रहा है और भारत को चारों ओर से घेर रहा है... ऐसा पहली बार है जब भारतीय रक्षा मंत्रालय ने स्वीकार किया है कि चीन तिब्बत और शिनच्यांग में भारत के ख़िलाफ़ साज़िश रच रहा है... तिब्बत के इलाके में चीन ने परमाणु बैलेस्टिक मिसाइलें तैनात कर रखी हैं... जिनका रूख भारत की ओर है... ये चीन की तैयारी है... वो धीरे-धीरे भारत के पड़ोस में अपनी पकड़ मज़बूत कर रहा है... चीन इससे पहले पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में सड़क बनाने के बहाने घुस चुका है... अरुणाचल से लगी सीमा पर उसकी परमाणु मिसाइलें भी तैनात हैं... और चीन तिब्बत और शिनच्यांग से न सिर्फ हमले की रणनीति पर काम कर रहा है बल्कि अपने बचाव की भी तैयारी कर चुका है... रक्षा मंत्रालय को चीन की मंशा को लेकर चिंता है... और उसने भी तिब्बत से सटे सीमावर्ती इलाकों सैन्य तैनाती नए सिरे से कर रहा है... और चीन का जवाब देने के लिए भारत की अग्नि मिसाइलें तैनात की जा रही हैं... इसके अलावा रक्षा मंत्रालय आकाश मिसाइल भी तैनात करने की तैयारी में है... हालांकि चीन ने तिब्बत के इलाके में भारतीय मिसाइलों के हमले से बचन के लिए रूसी एस-300 एंटी मिसाइलें तैनात कर चुका है... भारत चीन के रिश्तों में साउथ चाइना सी को लेकर भी दूरियां बढ़ी हैं... चीन ने साउथ चाइना सी में भारत के तेल खोजने की कार्रवाई पर उंगली उठाई थी... जिस पर विदेश मंत्री एस एम कृष्णा ने करारा जवाब भी दिया था... विदेश मंत्री ने चीन को कड़े लहज़े में जवाब दिया कि साउथ चाइना सी ड्रैगन की जागीर नहीं है... वहां किसी एक देश का हक़ नहीं है.. और भारत साउथ चाइना सी में तेल खोज का अभियान जारी रखेगा.. ज़ाहिर है चीन आंखें दिखा रहा है... और लाल ड्रैगन की इस अकड़ के पीछे है... उसकी सैन्य ताक़त पर खर्च होनेवाली रक़म... चीन के पास दुनिया की सबसे बड़ी मिलिट्री है... जिसमे 23 लाख सैनिक हैं... इसके अलावा चीन दुनिया की सबसे तेज़ी से आधुनिक होती ताक़त है.... दुनिया में रक्षा कार्यक्रमों पर खर्च होनेवाली रक़म से हिसाब से अमेरिका सबसे आगे है... जो अमूमन पूरी दुनिया के खर्च का आधा अकेले करता है... दूसरे नम्बर पर चीन है... जो अमेरिका से काफ़ी पीछे दिखता है... लेकिन जिस तरह पिछले 10 सालों में चीन ने रक्षा खर्चे को बढ़ाया है... उस हिसाब से साल 2035 तक वो अमेरिका से आगे निकल जाएगा... जबकि इस लिस्ट में भारत काफी नीचे है... और उसे चीन से मुक़ाबला करने के लिए अपनी अर्थव्यवस्था को मज़बूत करना होगा... चीन अपनी इसी ताक़त के बल पर भारत को चारों ओर से घेर रहा है... इंच-इंच हथियाने... और अपनी पैदल सेना पर निर्भर रहनेवाले चीन का ज़माना पीछे जा चुका है... अब चीन पीपल्स लिबरेशन आर्मी आमने-सामने की लड़ाई की बजाय मिसाइल, सबमरीन, साइबर और सैटेलाइट लड़ाई में नई रणनीति बना चुका है... चीन अब अपने दुश्मन की रीढ़ तोड़ने की तैयारी कर चुका है... चीन अब भारत को अपने दुश्मन के तौर पर नहीं देखता... उसे अमेरिका से डर है... और वो अमेरिका को रोकने की तैयारी में लगा है... और भारत उसकी आंखों में अमेरिका के एक अच्छे दोस्त के तौर पर खटकता है...

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